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Date: 08-04-2017

अभी से 2019 की तैयारी में योगी आदित्यनाथ, कहा- रिजल्ट देना है तो अभी से जूझना होगा




ABP News > India News > Uttar Pradesh > अभी से 2019 की तैयारी में योगी आदित्यनाथ, कहा- रिजल्ट देना है तो अभी से जूझना होगा अभी से 2019 की तैयारी में योगी आदित्यनाथ, कहा- रिजल्ट देना है तो अभी से जूझना होगा By: एबीपी न्यूज़ वेब डेस्क | Last Updated: Saturday, 8 April 2017 8:53 AM अभी से 2019 की तैयारी में योगी आदित्यनाथ, कहा- रिजल्ट देना है तो अभी से जूझना होगा नई दिल्ली: मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही योगी आदित्यनाथ 2019 की तैयारी में जुट गए हैं. योगी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है वो 2019 के हिसाब से तेजी से काम में जुटे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि यूपी का विभाजन नहीं होगा. हिंदी अखबार दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा है, ‘यूपी में समस्याएं बहुत ज्यादा हैं और समय कम है क्योंकि मुझे 2019 में रिजल्ट देना है. इसके लिए अभी से जूझना होगा. मेरे साथ साथ वही चलेगा जो सही तरीके से और तेज चल सकेगा. मैं यूपी के विभाजन के पक्ष में नहीं हूं. मेरे राज में अगर किसी ने सरकारी भर्तियों में जाति, धर्म या धन के आधार पर बेइमानी का प्रयास किया तो उसे जेल जाना होगा.’ यह भी पढ़ें– सीएम योगी बोले, ‘जो कानून का पालन कर रहे हैं उनको डरने की जरूरत नहीं’ योगी से जब ये पूछा गया कि किसानों का सिर्फ एक लाख तक ही कर्ज क्यों माफ हुआ तो इस पर उन्होंने कहा, ‘मंशा तो पूरा कर्ज माफी की थी पर पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार और आर्थिक अराजकता के नाते ऐसा संभव नहीं हो सका. वैसे एक लाख की कर्ज माफी से भी दो साल से मौसम से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है. किसानों के हित के लिए सरकार ने और भी कदम उठाए हैं. हमने पहली बार पांच हजार गेहूं क्रय केंद्र खोले हैं. इसका लाभ भी दिख रहा है क्योंकि किसान को बाजार में 1700 रुपये से अधिक का मूल्य मिलने लगा है. दलालों और आढ़तियों को किसानों का शोषण अब नहीं करने दिया जाएगा.’ यह भी पढ़ें- योगी का फैसला, 23 अप्रैल तक होगा गन्ने का भुगतान, मायावती राज में हुए चीनी मिल घोटाले की होगी जांच आपको बता दें कि अपने मंत्रियों से परिश्रम की अपेक्षा रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिन सुबह लगभग 3.30 बजे शुरू होता है और आजकल तो रात एक बजे के बाद तक चलता है. आदित्यनाथ ने रोज 18 से 20 घंटे कार्य करके राज्य सरकार के आला अधिकारियों को कठिन परिश्रम का साफ संदेश दे दिया है. अभी सरकार बने महीना भर नहीं हुआ है लेकिन राज्य की नौकरशाही को संभवत: समझ आ चुका है कि उन्हें देर रात भी तलब किया जा सकता है. मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने साफ शब्दों में अधिकारियों को संकेत दिया था कि जो हर रोज 18 से 20 घंटे काम करने के लिए तैयार नहीं हैं, वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं.


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