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Date: 30-03-2017

मानहानि केस में केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट ने दिया झटका




नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरूवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि शिकायत के संबंध में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक से इंकार किया. हालांकि जस्टिस आईएस मेहता ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को इस मामले में निचली अदालत के सामने छह अप्रैल को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी. कोर्ट ने कहा, ‘‘निचली अदालत के सामने कार्यवाही चलेगी.’’ हाईकोर्ट ने कहा, ‘‘मैं राहत दे रहा हूं कि केजरीवाल और सिसोदिया को छह अप्रैल को निचली अदालत के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट है.’’ उन्होंने कहा कि दोनों निचली अदालत के सामने अपने वकीलों के जरिये छूट आवेदन पेश करेंगे जिस पर कानून के अनुसार फैसला होगा. कोर्ट ने ये निर्देश आप नेताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए. इन नेताओं ने वकील सुरेंद्र कुमार शर्मा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत को निरस्त करने की मांग की थी. दोनों ने निचली अदालत के सामने कार्यवाही पर रोक का अनुरोध किया था. इस कोर्ट को इस मामले में मुद्दे तय करने हैं. नेताओं ने कहा कि उन्हें तलब करने के निचली अदालत के आदेश में खामी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ झूठी शिकायत दायर की गई है. हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में शिकायतकर्ता शर्मा को नोटिस जारी किया और उनसे 28 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा. हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में स्थिति रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है. केजरीवाल और सिसोदिया के अलावा शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में योगेंद्र यादव का नाम भी जोड़ा है. शर्मा ने आरोप लगाया था कि साल 2013 में आप कार्यकर्ताओं ने उनसे दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने का अनुरोध किया और कहा कि केजरीवाल उनके सामाजिक कार्यों से खुश हैं. उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन भरा क्योंकि सिसोदिया और यादव ने उनसे कहा कि आप की राजनीतिक मामलों की कमेटी ने उन्हें टिकट देने का फैसला किया है. हालांकि बाद में उन्हें टिकट नहीं दिया गया.


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